हरेला उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत पर्व है : दीप्ति रावत भारद्वाज।

 

हरेला उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का जीवंत पर्व है : दीप्ति रावत भारद्वाज।

डोईवाला।

 

हरेला पर्व के पावन अवसर पर डोईवाला विधानसभा अंतर्गत जोगीयाणा स्थित श्री भैरव देवता मंदिर परिसर में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री भाजपा श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर उन्होंने पौधरोपण कर प्रकृति संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन का संकल्प लिया तथा उपस्थित जनसमुदाय को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनके संरक्षण का संदेश दिया।

प्रदेश महामंत्री भाजपा श्रीमती दीप्ती रावत भारद्वाज ने कहा कि हरेला केवल उत्तराखंड का एक लोकपर्व नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्रकृति के प्रति आस्था, पर्यावरण संरक्षण की चेतना और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का जीवंत प्रतीक है। उत्तराखंड की लोक परंपराएं सदैव प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन का संदेश देती रही हैं तथा हरेला पर्व हमें प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित कर जीवन जीने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जलवायु परिवर्तन, बढ़ता प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन पूरी दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बन चुका है। ऐसे समय में प्रत्येक व्यक्ति का यह दायित्व है कि वह केवल वृक्षारोपण तक सीमित न रहे, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण का भी संकल्प ले। वृक्ष मानव जीवन, जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वच्छ पर्यावरण के सबसे मजबूत आधार हैं।

दीप्ती रावत भारद्वाज ने कहा कि उत्तराखंड की पहचान उसकी हरियाली, नदियों, पर्वतों और समृद्ध प्राकृतिक धरोहर से है। यदि हमें इस धरोहर को सुरक्षित रखना है तो वृक्षारोपण को जनभागीदारी का अभियान बनाना होगा। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से हरेला पर्व के अवसर पर अधिक से अधिक पौधे लगाने, जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका संरक्षण करना भी उतना ही आवश्यक है।

 

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