प्रदेश में विदेशी शराब हुई महंगी, देसी के दाम नहीं बढ़ेंगे; विभाग ने अब तक 2550 करोड़ रुपये की वसूली।

उत्तराखंड में विदेशी शराब हुई महंगी, देसी के दाम नहीं बढ़ेंगे; विभाग ने अब तक 2550 करोड़ रुपये की वसूली।
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*रॉयल स्टैग (RS) और आईबी (IB) जैसे मध्यम श्रेणी के ब्रांड्स की कीमतों में 10 से 20 रुपये प्रति बोतल की बढ़ोतरी हुई है*

सचिन कुमार

उत्तराखंड में नई आबकारी नीति लागू होने के साथ ही शराब के शौकीनों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश में विदेशी मदिरा (IMFL) के दामों में वृद्धि की गई है, जबकि देसी शराब की कीमतों को यथावत रखा गया है।
उन्होंने कहा ​ब्रांड्स के अनुसार बढ़ी कीमतें विदेशी मदिरा की नई कोस्ट कार्ड लिस्ट जारी कर दी गई है। इसके तहत मैकडॉवेल्स, रॉयल स्टैग (RS) और आईबी (IB) जैसे मध्यम श्रेणी के ब्रांड्स की कीमतों में 10 से 20 रुपये प्रति बोतल की बढ़ोतरी हुई है। प्रीमियम और ओवरसीज ब्रांड्स की कीमतों पर अभी कैलकुलेशन चल रही है, जिसकी जानकारी जल्द साझा की जाएगी। राहत की बात यह है कि देसी शराब की कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा।
​राजस्व वसूली में बनाया रिकॉर्ड
​आबकारी विभाग ने इस वर्ष राजस्व के मोर्चे पर बड़ी सफलता हासिल की है। अनुराधा पाल के अनुसार:
​पिछले वर्ष का लक्ष्य 2604 करोड़ रुपये था, जिसके सापेक्ष विभाग ने अब तक 2550 करोड़ रुपये की वसूली कर ली है।
​नए वित्तीय वर्ष के लिए 5400 करोड़ रुपये का भारी-भरकम लक्ष्य रखा गया है, जिसे हासिल करने के लिए विभाग पूरी दक्षता के साथ काम कर रहा है।
​मैदानी जिलों में 100% सेटलमेंट
​पिछले 9 वर्षों में पहली बार ऐसा हुआ है कि उधम सिंह नगर और नैनीताल जैसे चुनौतीपूर्ण जिलों में शत-प्रतिशत राजस्व सेटलमेंट हुआ है। हरिद्वार और देहरादून (मैदानी क्षेत्र) में भी 100% दुकानें व्यवस्थित की जा चुकी हैं। पर्वतीय जिलों जैसे टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग और चम्पावत में भी पूर्ण सफलता मिली है। हालांकि, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कुछ दुकानों का आवंटन विरोध या अन्य कारणों से लंबित है, जिन्हें जल्द सुलझा लिया जाएगा।

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