उत्तराखंड ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल ,वसुंधरा ताल अर्ली वॉर्निंग सिस्टम,सीबीआरआई ने इसे करीब 61 लाख रुपये में तैयार कर किया स्थापित।

देहरादून
—     उत्तराखंड ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल ,वसुंधरा ताल अर्ली वॉर्निंग सिस्टम,सीबीआरआई ने इसे करीब 61 लाख रुपये में तैयार कर किया स्थापित।

उत्तराखंड ने आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संवेदनशील ‘वसुंधरा ताल’ पर देश का पहला स्वदेशी ग्लेशियर लेक अर्ली वॉर्निंग सिस्टम स्थापित किया गया है। सीएसआईआर–सीबीआरआई के सहयोग से लगाए गए इस सिस्टम के जरिए ग्लेशियर झील टूटने के खतरे की पूर्व चेतावनी मिल सकेगी। ऐसा कदम उठाने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है।

सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यह सिस्टम पूरी तरह स्वदेशी और बेहद किफायती तकनीक पर तैयार किया गया है। जहां बाजार में इसकी लागत 8 से 10 करोड़ रुपये आंकी जा रही थी, वहीं सीबीआरआई ने इसे करीब 61 लाख रुपये में तैयार कर स्थापित किया है। ट्रायल सफल रहने पर प्रदेश की अन्य संवेदनशील झीलों पर भी ऐसे सिस्टम लगाए जाएंगे। वहीं, सीबीआरआई के निदेशक प्रो प्रदीप कुमार ने बताया कि देश की 13 सबसे संवेदनशील झीलों में शामिल वसुंधरा ताल पर 8 तरह के सेंसर्स के साथ यह सिस्टम लगाया गया है, जो किसी भी खतरे की स्थिति में करीब दो घंटे पहले चेतावनी जारी करेगा।

 

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