शीतकालीन यात्रा
सरकार की पहल से अब शीतकालीन यात्रा को भी बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है-हेमंत द्विवेदी बीकेटीसी(अध्यक्ष)
चारधाम के कपाट बंद होने के बाद भी श्रद्धालु भगवान के दर्शन और पूजा-अर्चना कर सकेंगे। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने स्पष्ट किया कि कपाट बंद होने के बाद यात्रा समाप्त नहीं होती, बल्कि परंपरा के अनुसार भगवान की चल-विग्रह डोलियां अपने शीतकालीन गद्दीस्थलों—ऊखीमठ, जोशीमठ और पांडुकेश्वर में विराजमान होती हैं। सरकार की पहल से अब शीतकालीन यात्रा को भी बड़ा प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे राज्य की आर्थिकी को 12 महीने गति मिलेगी। समिति और प्रशासन ने शीतकालीन गद्दीस्थलों पर दर्शन व सभी व्यवस्थाओं की तैयारियां तेज कर दी हैं।