ट्रांसपोर्टर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए देहरादून का परिवहन विभाग उठाने जा रहा है बड़ा कदम ।
पर्वतीय क्षेत्रों में 16,200 GVW से भारी ट्रकों पर लगेगा समान प्रतिबंध-RTO प्रशासन संदीप सैनी बोले- स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स के हितों की होगी रक्षा, जल्द जारी होगी अधिसूचना
उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी वाहनों के संचालन और स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग बड़ा कदम उठाने जा रहा है। देहरादून के आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया कि राज्य के ट्रक व्यवसायियों की एक लंबे समय से मांग थी कि पर्वतीय मार्गों पर तय मानक (16,200 ग्रॉस व्हीकल वेट) से अधिक भार वाले भारी वाहनों के संचालन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।
सैनी ने बताया कि स्थानीय ट्रांसपोर्टर्स का आरोप था कि राज्य की भारी गाड़ियों पर रोक रहने के बावजूद बाहरी राज्यों के भारी ट्रक पर्वतीय क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, जिससे स्थानीय कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों के ‘ऑल इंडिया परमिट’ वाले वाहन राज्य के भीतर ही (पॉइंट-टू-पॉइंट) लोकल माल ढुलाई कर रहे हैं, जिससे प्रदेश के व्यवसायियों को नुकसान हो रहा है।
आरटीओ ने जानकारी दी कि 19 अगस्त को परिवहन सचिव की अध्यक्षता में ट्रांसपोर्टर्स के साथ एक अहम बैठक हुई, जिसमें उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। विभाग जल्द ही अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी करेगा, जिसके तहत 16,200 GVW से अधिक भार वाली गाड़ियों पर बिना किसी भेदभाव के पूरी तरह प्रतिबंध लागू होगा—चाहे वह उत्तराखंड की गाड़ी हो या बाहरी राज्य की। हालांकि, राष्ट्रीय महत्व के बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए विशेष अनुमति के साथ ही भारी वाहनों को छूट मिलेगी। साथ ही बाहरी परमिट वाले वाहनों द्वारा लोकल ढुलाई पर भी प्रभावी रोक लगाई जाएगी।